तेरी यादों के साये में , मै गीत बनाया करता हूँ,
जीवन में हर पल सपनो का, संगीत बनाया करता हूँ|
तुम्ही थी वो शहजादी , जो दिल में बसा करती थी ,
सपनो में आकर मेरी , जो मुझको छेड़ा करती थी ,
अब तेरे विरह आगोश में, मै नीर बहाया करता हूँ ,
तेरी यादों के साये में , मै गीत बनाया करता हूँ|
नही पता था मुझको, तुम यूँ दूर चली जाओगी ,
जीवन के राहों में मुझको , तुम छोड़ चली जाओगी ,
बस अब बीते लम्हों का , मै तस्वीर बनाया करता हूँ ,
तेरी यादों के साये में , मै गीत बनाया करता हूँ,
रविवार, 13 सितंबर 2009
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